मध्यप्रदेश की हथकरघा परंपरा – भारत की सांस्कृतिक पहचान
Source ↗
👁 0
💬 0
“हमें अपने देश भर में हथकरघा की समृद्ध विरासत और जीवंत परंपरा पर बहुत गर्व है।”– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
हर वर्ष 7 अगस्त को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय हथकरघा दिवस भारत की समृद्ध बुनाई परंपरा, कुशल बुनकरों और सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने का अवसर है। यह दिवस उन लाखों बुनकरों और कारीगरों के श्रम, समर्पण और सृजनशीलता को नमन करता है, जिन्होंने अपनी कला से भारत की सांस्कृतिक पहचान को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवंत बनाए रखा है।
हथकरघा क्षेत्र ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका
हर वर्ष 7 अगस्त को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय हथकरघा दिवस भारत की समृद्ध बुनाई परंपरा, कुशल बुनकरों और सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने का अवसर है। यह दिवस उन लाखों बुनकरों और कारीगरों के श्रम, समर्पण और सृजनशीलता को नमन करता है, जिन्होंने अपनी कला से भारत की सांस्कृतिक पहचान को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवंत बनाए रखा है।
हथकरघा क्षेत्र ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका
Comments (0)