उत्तराखंड की लोक संस्कृति और हरेला – प्रकृति, परंपरा और हमारी पहचान
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उत्तराखंड की पहचान केवल हिमालय, नदियों और देवस्थलों से ही नहीं है, बल्कि यहां की समृद्ध लोक संस्कृति और प्रकृति के प्रति गहरे सम्मान से भी है। हमारे पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों, सामाजिक चेतना और प्रकृति के साथ संतुलित सह-अस्तित्व की जीवंत अभिव्यक्ति हैं। इन्हीं लोकपर्वों में हरेला उत्तराखंड की सांस्कृतिक चेतना, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और लोकजीवन का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है।
‘हरेला’ का अर्थ ही हरियाली, नवजीवन और समृद्धि है। पारंपरिक रूप से यह पर्व कुमाऊँ अंचल में विशेष उत्स
‘हरेला’ का अर्थ ही हरियाली, नवजीवन और समृद्धि है। पारंपरिक रूप से यह पर्व कुमाऊँ अंचल में विशेष उत्स
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